Tuesday, December 4, 2012

मैंने छूकर जो देखा आइना


5 comments:

  1. वाह प्रीती जी...
    सुन्दर भाव...
    सुन्दर अभिव्यक्ति....

    अनु

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    1. धन्यवाद....आपका बहुत बहुत...इस प्रशंशा के लिए अनु जी ...

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  2. बहुत ही सुन्दर रचना | मन भाव विभोर हो उठा पढ़कर | आभार
    तमाशा-ए-ज़िन्दगी

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका..

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  3. अच्छी रचना...अंतिम पंक्तियाँ तो बहुत ही अच्छी लगीं
    आपका ब्लॉग पसंद आया....इस उम्मीद में की आगे भी ऐसे ही रचनाये पड़ने को मिलेंगी......आपको फॉलो कर रहा हूँ |

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