मंगलवार, 8 जून 2021

  • मुद्दतों बाद आये है वो मेरी डेहरी पर
    मुद्दतों बाद ये मुस्कान भी चेहरे पर.
    मुद्दतों बाद गीली होकर महकेगी मिट्टी
    मुद्दतों बाद बादल बरसेंगे धरती पर
    मुद्दतों बाद सोएंगी स्याह दो आँखे
    मुद्दतों बाद सजेंगे ख्वाब पलकों पर
    मुद्दतों बाद कदम उठे चलने को
    मुद्दतों बाद फिर नजर मंजिल पर
    मुद्दतों बाद जिरह होगी उसकी
    मुद्दतों बाद रुकी है बात किसी मुद्दे पर
    प्रीती।